Easter Sunday 2024 : क्या है ईस्टर पर्व में अण्डों का महत्व ? जानें ईसाई धर्म में क्यों है ये सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार

Easter Sunday 2024 : क्या है ईस्टर पर्व ?

आज का दिन ईसाई धर्म के लोगों के लिए बेहद खास है । आज 31 मार्च 2024 जोकि संडे है , ईसाई धर्म के लोग इस दिन को ईस्टर संडे के रूप में मनाते हैं । ईस्टर संडे हर साल गुड फ्राइडे के तीन दिन बाद मनाया जाता है । इस वर्ष ये त्योहार आज के ही दिन मनाया जा रहा है ।

पश्चिम के तमाम देश चाहे वो अमरीका हो ब्रिटेन हो या फिर फ्रांस हो , सारे देश आज खुशियों से झूम रहे हैं । ऐसा इसलिए क्योंकि उनके प्रभु यीशू का आज ही के दिन दोबारा जीवित हो उठे थे । वो सारे लोग जोकि ईसाई धर्म से जुड़े हैं आज खुशियां मना रहे हैं और खुशियाँ बांट भी रहे हैं । इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ें और मात्र 2 मिनट में जान लें इस पर्व की सारी बारीकियों को ।

Easter sunday 2024
Easter sunday 2024

क्यों मनाया जाता है ईस्टर संडे ?

ईसाई धर्म में प्रभु यीशु को प्रेम और शांति का मसीहा माना जाता है । पर धार्मिक कट्टरपंथियों को ये बात बिलकूल भी पसंद नहीं थी और इसी वजह से शांति और प्रेम के प्रतीक प्रभु यीशु को कट्टरपंथियों ने सूली पर चढ़ा दिया । जिस दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया वो दिन शुक्रवार का था । जब प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया तो उनके अनुयायी बेहद नाराज हो गए और उन सबने मिलकर उस दिन को गुड फ्राइडे के रूप में मनाने का फैसला लिया ।
ऐसा माना जाता है कि गुड फ्राइडे के 3 दिन बाद ही प्रभु यीशु फिर से जीवित हो उठे । ऐसा होते ही उनके अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी । तभी से ईसाई धर्म में ईस्टर संडे का त्योहार मनाया जाता है ।

Easter sunday 2024

कैसे मनाया जाता है ईस्टर संडे (Easter Sunday 2024) ?

Easter sunday 2024 नाम के पर्व को ईसाई धर्म के लोग बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाते हैं । इस दिन ईसाई धर्म से जुड़े लोग चर्च जाते हैं , मोमबत्तियां जलाते हैं और एक दूसरे को घर जाकर बधाइयाँ भी देते हैं और मिठाई बाँट कर और खाकर खुशियां मनाते हैं ।
ऐसा भी माना जाता है कि जब गुड फ्राइडे के तीन दिन बाद प्रभु यीशु जीवित हुए तो धार्मिक कट्टरपंथियों का हृदय परिवर्तन हुआ था और प्रभु यीशु को यातनाएं देने वाले और सूली पर चढ़ाने वाले लोगों पश्चाताप हुआ था और इसी वजह से ईस्टर संडे को बदलाव का दिन भी माना जाता है ।

ईसाई धर्म में ईस्टर के त्योहार पर क्या है अंडों का महत्व ?

ईसाई धर्म में अंडों को नया जीवन और उमंग का प्रतीक माना जाता है । इसी वजह से ईस्टर के दिन लोग अलग अलग तरीकों से अंडों को सजाते हैं और एक दूसरे को अंडे उपहार के रूप में भेंट भी करते हैं । विज्ञान के अनुसार भी नए जीवन का आगमन अण्डों से ही होता है । वो कहावत तो सुनी ही होगी आपने की पहले मुर्गी आई या अंडा । तो ईस्टर पर्व में अण्डों के महत्व को देखते हुए इस बात में कोई संदेह नहीं रह जाता कि अण्डों को ही जीवन का प्रतीक माना जाता है ।

40 दिनों तक मनाया जाता है ईस्टर का पर्व – Easter sunday 2024

आपने कई बार सुना होगा कि ईस्टर नाम का पर्व ईसाई धर्म के लोग 40 दिनों तक मनाते हैं । असल में ऐसा माना जाता है कि प्रभु यीशु धरती पर 40 दिनों तक रहे थे और बाद में स्वर्ग लोक को चले गए थे । इसी वजह से इस पर्व को ईसाई धर्म के लोग 40 दिनों तक मनाते हैं । इन दिनों लोग बाईबल नामक धार्मिक ग्रन्थ का पाठ करते हैं । परिवार के बुजुर्ग बच्चों को इस ग्रंथ की शिक्षा देते हैं और प्रभु यीशु के रूप में पवित्र आत्मा के आगमन को जश्न के साथ मनाते हैं ।

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